Home Crime कानपुर में युवक की संदिग्ध मौत! परिजनों ने तीन लोगों पर जताई...

कानपुर में युवक की संदिग्ध मौत! परिजनों ने तीन लोगों पर जताई हत्या की आशंका

दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे युवक के साथ मारपीट का आरोप, करीब एक किलोमीटर तक कार पर घसीटने का दावा; अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी. डेस्क रिपोर्ट

0
24

कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के खाड़ेपुर इलाके में युवक की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मृतक की पहचान वीरू सिंह के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि दशहरा मेला देखकर घर लौट रहे वीरू को कार सवार लोगों ने रास्ते में रोककर मारपीट की और फिर कार की छत पर घसीटते हुए करीब एक किलोमीटर तक ले गए। आरोप है कि बाद में युवक को लहूलुहान हालत में सड़क पर छोड़कर कार सवार मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल वीरू को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने तीन लोगों पर हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा किया और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दशहरा मेला देखकर घर लौट रहा था वीरू सिंह

मृतक वीरू सिंह के पिता रामशंकर के मुताबिक, उनका परिवार खाड़ेपुर अर्रा इलाके में रहता है। वीरू सिंह एक सब्जी-मसाला फैक्ट्री में सेल्समैन के तौर पर काम करता था। इसी काम से मिलने वाली आय से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार में उसकी पत्नी रीना, दो बेटियां शिवी और इशानी तथा बेटा विराज हैं। परिजनों के अनुसार, मंगलवार देर शाम वीरू दशहरा का मेला देखने गया था। रात करीब सवा दस बजे वह घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में एक कार उसके पास आकर रुकी। परिवार का आरोप है कि कार में सवार कुछ लोगों ने वीरू के साथ मारपीट शुरू कर दी। बताया गया कि विवाद अचानक बढ़ गया और युवक के साथ कथित तौर पर हिंसक घटना हुई। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद साबित हुई। रोजमर्रा की मेहनत से अपने बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे वीरू की मौत से परिवार के सामने आर्थिक और भावनात्मक संकट खड़ा हो गया है।

कार के शीशे में हाथ दबाने और छत पर घसीटने का आरोप

परिजनों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वीरू ने हमलावरों का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि इसी दौरान उसका हाथ कार के शीशे में दब गया और उसे कार की छत पर घसीट लिया गया। इसके बाद कार सवार लोग वहां से निकल गए। परिजनों का दावा है कि वीरू के परिचित विक्रम सिंह ने घटना के दौरान कार को देखा और बाइक से उसका पीछा करना शुरू किया। आरोप के अनुसार, पीछा किए जाने के दौरान कार सवार करीब एक किलोमीटर आगे युवक को लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गए। घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, कार सवार लोगों की भूमिका, घटना के वास्तविक क्रम और युवक को लगी चोटों की परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों से होनी बाकी है। फिलहाल, परिवार के आरोपों को जांच का विषय माना जा रहा है।

घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान मौत

घटना के बाद आसपास के लोगों को युवक के घायल होने की जानकारी मिली। स्थानीय लोगों ने उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और वीरू को गंभीर अवस्था में नजदीकी अस्पताल लेकर गए। युवक की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, वहां इलाज के दौरान वीरू सिंह की मौत हो गई। परिवार को जब उसकी मौत की जानकारी मिली तो घर में कोहराम मच गया। वीरू की मौत से उसकी पत्नी और बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के सदस्य सदमे में हैं। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

तीन लोगों पर हत्या की आशंका, परिजनों ने किया हंगामा

वीरू की मौत के बाद परिजनों ने तीन लोगों पिंटू, राजवीर ,मेवा यादव पर हत्या की आशंका जताई। परिवार के सदस्यों ने घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी ने जानबूझकर वीरू के साथ मारपीट की या उसकी मौत के लिए जिम्मेदार है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और उन्हें समझाकर स्थिति शांत कराई। मृतक के पिता रामशकर सिंह  की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घटनास्थल के आसपास उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

हनुमंत विहार थाना प्रभारी राजीव सिंह के मुताबिक, उपलब्ध फुटेज के आधार पर हादसा और हत्या, दोनों ही पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय कार में कितने लोग सवार थे, कार कहां से आई और किस दिशा में गई। साथ ही, घटनास्थल से जुड़े अन्य तथ्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज से घटना के समय और घटनाक्रम के संबंध में अहम जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक और कार सवार लोगों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था।

हिट एंड रन या मारपीट? जांच के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर

इस मामले में पुलिस की शुरुआती जानकारी और परिजनों के आरोपों के बीच घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि होना बाकी है। परिजनों ने जहां तीन लोगों पर हत्या की आशंका जताई है, वहीं थाना प्रभारी ने शुरुआती फुटेज के आधार पर हिट एंड रन की संभावना बताई है। ऐसे में जांच के दौरान घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, शिकायत में बताए गए तथ्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान महत्वपूर्ण होगा। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और युवक की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल, वीरू सिंह की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। पत्नी और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता के बीच परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

नोट: मामले में हत्या की आशंका परिजनों की ओर से जताई गई है। पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी आरोप को साबित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here