खखरेरू/फतेहपुर। थाना क्षेत्र के बिछियावां गांव में 22 अगस्त की रात एक घर में नकब लगाकर हुई कथित चोरी का मामला 15 दिन बाद भी चर्चा में है। पीड़िता मालती देवी का आरोप है कि अज्ञात बदमाश घर के पीछे की दीवार काटकर अंदर दाखिल हुए और कमरे में रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी लेकर फरार हो गए। पीड़िता के मुताबिक चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी खुलासा नहीं होने से परिवार परेशान है। पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर मामले का जल्द खुलासा कराने तथा चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
22 अगस्त की रात घर में हुई कथित चोरी
बिछियावां गांव निवासी मालती देवी के अनुसार, 22 अगस्त की रात अज्ञात बदमाशों ने उनके घर के पीछे की दीवार में नकब लगाया। आरोप है कि दीवार काटने के बाद बदमाश घर के अंदर दाखिल हुए और कमरे में रखे जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़िता का कहना है कि चोरी गए सामान में सोने-चांदी के कई आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा उसके बेटे द्वारा रखे गए करीब 10 हजार रुपये नकद भी चोरी होने का दावा किया गया है। घटना की जानकारी होने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और आसपास के लोगों को मामले की जानकारी दी गई। पीड़िता के मुताबिक, घर में रखे जेवरात केवल उसके व्यक्तिगत आभूषण नहीं थे, बल्कि उसकी बेटी की शादी के आभूषण भी इसमें शामिल थे। यही वजह है कि परिवार के लिए यह चोरी बेहद गंभीर और आर्थिक नुकसान वाली घटना बताई जा रही है।
बेटी की शादी के बाद मायके में रखे थे जेवर
मालती देवी ने बताया कि उनकी बेटी की शादी इसी साल 9 मार्च को हुई थी। शादी के बाद जब बेटी और दामाद दिल्ली जाने लगे तो बेटी ने अपने शादी के आभूषण मायके में ही सुरक्षित रखने के लिए छोड़ दिए थे। पीड़िता के अनुसार, बेटी के जेवरात भी घर में रखे हुए थे। आरोप है कि 22 अगस्त की रात हुई चोरी में बदमाश इन्हीं आभूषणों को भी अपने साथ ले गए। पीड़िता का दावा है कि उसके खुद के जेवरात और बेटी के शादी के पूरे आभूषण मिलाकर चोरी हुए सामान की कीमत करीब 10 लाख रुपये के आसपास है। चोरी के बाद से परिवार के सामने आर्थिक नुकसान के साथ-साथ बेटी के शादी के आभूषण वापस मिलने की चिंता भी बनी हुई है।
पुलिस की जांच पर पीड़िता ने उठाए सवाल
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने गांव से दो-तीन संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए उठाया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पीड़िता का कहना है कि उसे उम्मीद थी कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा कर चोरी गए जेवरात बरामद करेगी, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। मालती देवी का यह भी आरोप है कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करने के बजाय उसे ही थाने बुलाती रही। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस की ओर से मामले में की गई जांच और कार्रवाई की विस्तृत स्थिति संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
15 दिन बाद भी नहीं मिला चोरी का सामान
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद से लगातार पुलिस द्वारा जांच किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अभी तक चोरी गए जेवरात या नकदी की बरामदगी नहीं हो सकी है। परिवार का कहना है कि घटना को 15 दिन से अधिक समय बीत चुका है और अब उन्हें पुलिस की कार्रवाई के परिणाम का इंतजार है। पीड़िता का कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते मामले का खुलासा नहीं किया तो चोरी गया सामान बरामद करना और मुश्किल हो सकता है। इसी चिंता के चलते उसने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
एसपी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत
स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से परेशान मालती देवी ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत की है। इसके साथ ही उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराकर मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने अधिकारियों से मांग की है कि चोरी की घटना की गंभीरता से जांच कराई जाए, संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जाए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। साथ ही उसने चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी की बरामदगी की भी मांग की है।
परिवार को पुलिस से खुलासे की उम्मीद
चोरी की घटना के बाद से पीड़ित परिवार पुलिस की जांच पर नजर बनाए हुए है। परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी और चोरी गया सामान बरामद कराएगी। गांव में भी घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि घर में नकब लगाकर चोरी की घटना सामने आने के बाद पुलिस को आसपास के संदिग्ध लोगों और पूर्व में चोरी की घटनाओं में शामिल रहे आरोपियों के संबंध में भी जानकारी जुटानी चाहिए। हालांकि, किसी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकती है।
उच्च अधिकारियों का पक्ष नहीं मिल सका
मामले को लेकर खबर लिखे जाने तक किसी उच्च अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका। इसलिए पुलिस की ओर से अब तक की गई विस्तृत कार्रवाई, जांच की दिशा और संभावित बरामदगी के संबंध में आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आ सकी है। फिलहाल पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले में पुलिस जांच का इंतजार है। करीब 10 लाख रुपये के जेवरात और नकदी चोरी होने का पीड़िता का दावा है, जबकि चोरी की वास्तविक रकम, सामान की सूची और घटना में शामिल आरोपियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
















