मुख्य संवाददाता यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़
कानपुर: साइबर ठगों ने ई-सिम अपडेट के नाम पर मैसेज भेजकर एक लॉजिस्टिक कारोबारी से 1.28 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने मेरठ से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का सरगना मेराज समेत अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीम मुंबई में दबिश दे रही है।पीड़ित मोकम सिंह अशोक नगर निवासी लॉजिस्टिक कारोबारी हैं और गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब प्रबंधन समिति के पूर्व प्रधान भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को उनके व्हाट्सऐप पर पीएम किसान योजना, आरटीओ चालान, बैंक और आधार अपडेट के नाम पर एपीके फाइल भेजी गई। उसी रात मोबाइल पर सिम बदलने का मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि यदि सिम नहीं बदलना है तो ‘नो सिम’ लिखकर 121 पर मैसेज कर दें।उन्होंने निर्देश के अनुसार मैसेज कर दिया, जिसके बाद अगले दिन उनके फोन का नेटवर्क बंद हो गया। जब बेटे हरदीप ने जांच की तो पता चला कि टेलीकॉम कंपनी की ओर से ऐसा कोई संदेश भेजा ही नहीं गया था।

बैंक पहुंचने पर जानकारी मिली कि उनके खाते से 1.28 करोड़ रुपये निकल चुके हैं।पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 26 अगस्त 2025 को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम मुंबई के बांद्रा वेस्ट निवासी अमर तिवारी के नाम से खुली ‘अमर कलेक्शन’ फर्म के खाते में भेजी गई थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 72.50 लाख रुपये फ्रीज करा दिए, जबकि 54 लाख रुपये उसी दिन नोएडा स्थित ‘एमएमटीसी-पॉम्प’ कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर सोना खरीदने में इस्तेमाल किए गए।जांच के दौरान कंपनी से सीसीटीवी फुटेज और बिल हासिल किए गए, जिनसे आरोपी की पहचान हुई। मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस की मदद से पुलिस टीम मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र पहुंची, जहां से आरोपी अरशद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने फर्जी पहचान ‘अमर तिवारी’ बनाकर यह ठगी की थी।पुलिस के अनुसार आरोपी ने तीन अलग-अलग नामों से फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र बनवा रखे थे, जिनके आधार पर बैंक खाते खोलकर ठगी को अंजाम देता था। आरोपी को मंगलवार को जेल भेज दिया गया है।डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि मामले में सोना बेचने वाली कंपनी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं पीड़ित मोकम सिंह ने भी कंपनी की संलिप्तता पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मुख्य बिंदु
- 1.28 करोड़ रुपये की ठगी: मोबाइल नेटवर्क बंद होने के बाद बैंक खाते से पूरी रकम निकाल ली गई।
- एक आरोपी गिरफ्तार: साइबर क्राइम टीम ने मेरठ से अरशद अंसारी को पकड़ा, गिरोह का सरगना मेराज फरार।
- फर्जी पहचान का इस्तेमाल: आरोपी ने ‘अमर तिवारी’ नाम से फर्जी आधार, पैन और वोटर आईडी बनवाकर बैंक खाते खोले थे।
- 72.50 लाख रुपये फ्रीज: पुलिस ने कार्रवाई कर खाते में मौजूद 72.50 लाख रुपये फ्रीज करा दिए।
- सोना खरीदने में इस्तेमाल: करीब 54 लाख रुपये नोएडा की कंपनी के जरिए सोना खरीदने में लगाए गए।
- सीसीटीवी से खुलासा: कंपनी के सीसीटीवी फुटेज और बिल के आधार पर आरोपी की पहचान हुई।
- गिरोह की तलाश जारी: पुलिस सरगना समेत अन्य आरोपियों की तलाश में मुंबई में दबिश दे रही है।

















