UTTAR PRADESH/ NAGAR NIGAM / BHRASHTACHAR कानपुर नगर के वार्ड 16 अंतर्गत छोटी जूही के धोबियाना मोहल्ले में सीवर की गंभीर समस्या ने एक बड़ा हादसा कर दिया। घरों के सामने लंबे समय से बह रहे गंदे और बदबूदार सीवर के पानी में फिसलकर एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका पैर तीन अलग-अलग जगह से टूट गया। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहल्ले के लोगों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है। पिछले कई दिनों से सीवर का गंदा पानी गलियों और घरों के सामने जमा होकर बह रहा था। बरसों पुरानी सीवर लाइन की खराब स्थिति और समय पर सफाई न होने के कारण यह स्थिति लगातार बदतर होती जा रही थी। स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने भी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। इसी लापरवाही का परिणाम एक महिला को गंभीर चोट के रूप में भुगतना पड़ा। बताया जा रहा है कि घायल महिला किराए के मकान में रहती है और अकेले अपने दो बच्चों का पालन-पोषण करती है। वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने उसकी जिंदगी को और मुश्किल बना दिया है।
महिला जब घर के बाहर निकली तो गंदे पानी से भरी फिसलन भरी गली में उसका पैर फिसल गया और वह जोर से गिर पड़ी। गिरने के बाद दर्द से चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए। मोहल्ले के लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल महिला की तुरंत मदद की। स्थानीय निवासियों ने उसे पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसका पैर तीन जगह से टूट गया है। इसके बाद महिला के पैर में प्लास्टर चढ़ाया गया। इस हादसे ने पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। घटना के बाद स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने सीवर समस्या तथा पीने के पानी की खराब व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा किया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का सीधा परिणाम है। लोगों का आरोप है कि सीवर के गंदे पानी की वजह से पूरे मोहल्ले में बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है, जिससे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बीमार पड़ रहे हैं।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक मोहल्ले में कई लोग उल्टी-दस्त, बुखार और संक्रमण जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि पीने के पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है और कई बार गंदा पानी नलों में आने की शिकायत सामने आई है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। हंगामे की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के जेई मौके पर पहुंचे। लोगों के भारी विरोध और नाराजगी के बीच जेई ने 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू कराया जाएगा तथा पीने के पानी की समस्या को भी प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। हालांकि स्थानीय जनता इस आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार इसी तरह के आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुआ। अब लोग यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि प्रशासन अपने वादे पर कितना खरा उतरता है और कब तक मोहल्ले को इस गंभीर समस्या से राहत मिलती है।
इस घटना ने एक बार फिर शहर की बुनियादी सुविधाओं और नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीवर और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का समय रहते समाधान न होना आम जनता के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। यदि प्रशासन ने जल्द और ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी बढ़ सकते हैं। फिलहाल, छोटी जूही के धोबियाना मोहल्ले के लोग प्रशासन से तत्काल और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह की पीड़ा का सामना न करना पड़े।
