नई दिल्ली: ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि अमेरिकी बल जल्द ही अपना मिशन पूरा कर लेंगे। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं, खासकर नौसेना, वायुसेना और मिसाइल प्रोग्राम को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने कहा कि यह अभियान व्यवस्थित तरीके से चलाया गया, ताकि ईरान भविष्य में अमेरिका या उसके सहयोगियों के लिए खतरा न बन सके। उन्होंने अमेरिकी सेना के प्रदर्शन को “अभूतपूर्व” बताते हुए कहा कि रणनीतिक लक्ष्य अब लगभग हासिल हो चुके हैं।ट्रंप ने अपने संबोधन में उन 13 अमेरिकी सैनिकों को भी याद किया, जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि इन बलिदानों का सम्मान तभी होगा, जब मिशन पूरी तरह से सफल होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का उद्देश्य परमाणु हथियारों से लैस ईरान के खतरे को खत्म करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इससे जूझना न पड़े।
ईरानी ड्रोन से दहशत, खाड़ी क्षेत्र हाई अलर्ट पर
मध्य पूर्व में तनाव अभी भी कम नहीं हुआ है। ईरान की ओर से खाड़ी देशों में ड्रोन हमले किए गए, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ गई है। कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले से ईंधन टैंकों में आग लगने की घटना सामने आई, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। बहरीन और कतर के आसपास भी हमलों की खबरों ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।ट्रंप ने अपने संबोधन में इजरायल, सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे सहयोगी देशों का आभार जताया और उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो वह खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों और अहम ढांचों को निशाना बना सकता है। इससे साफ है कि युद्ध भले ही अंत की ओर बढ़ता दिख रहा हो, लेकिन क्षेत्र में हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।












