यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो
मेरठ: देश में किशोरों का माइंड वॉश कर उन्हें आतंकी गतिविधियों से जोड़ने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। वेस्ट यूपी के कई किशोरों को सोशल मीडिया के जरिए संदिग्ध ग्रुप्स में जोड़कर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने की कोशिश की जा रही थी।खुफिया एजेंसियों और एटीएस को मिले इनपुट के बाद जब जांच शुरू हुई तो इसका नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद और तेलंगाना तक फैला मिला। जांच में सामने आया कि इन ग्रुप्स को फर्जी आईडी और वर्चुअल नंबर के जरिए संचालित किया जा रहा था।
मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके के एक 17 वर्षीय किशोर को कुछ माह पहले एक संदिग्ध ग्रुप में जोड़ा गया था। शुरुआत में धार्मिक वीडियो साझा किए गए, लेकिन बाद में आईएसआईएस से जुड़े वीडियो और पाक अधिकृत कश्मीर के कंटेंट पोस्ट किए जाने लगे। जांच के दौरान किशोर से पूछताछ की गई और उसके मोबाइल की फॉरेंसिक जांच भी हुई। फिलहाल उसकी सीमित गतिविधियों को देखते हुए उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इसी तरह सहारनपुर में भी एक किशोर को संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े होने के कारण ट्रेस किया गया। इससे पहले सहारनपुर के बीडीएस छात्र हारिश को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया जा चुका है, जो सोशल मीडिया के जरिए आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा था।जांच एजेंसियों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए किशोरों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलने की साजिश रची जा रही है।फिलहाल एजेंसियां ऐसे सभी ग्रुप्स और उनके संचालकों की पहचान में जुटी हैं, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।












