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लखनऊ अग्निकांड पर महाकाल भक्त मंडल ने जताया गहरा शोक, दिवंगत आत्माओं को दी श्रद्धांजलि

ब्यूरो चीफ-मोहम्मद हिफज़ान 

नजीबाबाद (बिजनौर)। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस भीषण हादसे में कई छात्र-छात्राओं और नागरिकों की असामयिक मृत्यु की खबर से हर कोई स्तब्ध है। घटना के बाद विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। इसी क्रम में महाकाल भक्त मंडल ने शोकसभा आयोजित कर मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। नगर के मोहल्ला मकबरा स्थित गीता भवन मंदिर में आयोजित शोकसभा में महाकाल भक्त मंडल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने लखनऊ में हुई इस दुखद घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया। वक्ताओं ने कहा कि मासूम विद्यार्थियों की मौत ने पूरे समाज को गहरे दुःख में डाल दिया है और यह घटना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मौन रखकर दी श्रद्धांजलि

शोकसभा के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। महाकाल भक्त मंडल ने ईश्वर से प्रार्थना की कि मृतकों को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। मंडल के सदस्यों ने कहा कि जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने बच्चों और प्रियजनों को खोया है, उनके दुःख की भरपाई कभी नहीं की जा सकती। ऐसे समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है और उनकी पीड़ा को साझा कर रहा है।

घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना

महाकाल भक्त मंडल ने हादसे में घायल हुए सभी छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि घायल व्यक्तियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और उनके उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

सुरक्षा मानकों के पालन पर दिया जोर

शोकसभा में वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। आग जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन निकास की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं भी लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

समाज की जिम्मेदारी भी अहम

महाकाल भक्त मंडल के सदस्यों ने कहा कि केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है कि सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। बच्चों और युवाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

ये लोग रहे उपस्थित

शोकसभा में पंडित भोला शंकर शास्त्री, सौरभ कुमार, सभासद पवन एडवोकेट, अभिनव अग्रवाल एडवोकेट, देवेंद्र प्रजापति, आशुतोष टॉक, रोहित कुमार, आदित्य, सागर, ऋषभ, आकाश, तरुण, लक्ष्मण और प्रदीप सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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