यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध को लेकर जल्द बड़ा फैसला ले सकते हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप बुधवार रात राष्ट्र को संबोधित करेंगे और इस दौरान ईरान को लेकर अहम घोषणा की जा सकती है। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है, जब ट्रंप हाल ही में कुछ हफ्तों में युद्ध से बाहर निकलने के संकेत दे चुके हैं, जबकि दूसरी ओर हजारों अमेरिकी मरीन्स की तैनाती की खबरें भी सामने आई हैं।व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलीन लैविट ने जानकारी दी कि ट्रंप रात 9 बजे (ईटी) देश को संबोधित करेंगे, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका युद्ध खत्म करने की दिशा में बढ़ रहा है या संघर्ष को और तेज करेगा।ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के लगातार बदलते रुख से अमेरिका के भीतर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कभी नाटो सहयोगियों से मदद की मांग, फिर उनकी जरूरत से इनकार, तेहरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी और अचानक ऐसे हमलों को रोकने जैसे फैसलों ने स्थिति को और उलझा दिया है। एक सर्वे में 61% अमेरिकी नागरिकों ने ट्रंप की रणनीति पर असहमति जताई है।वहीं, बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और इसे जारी रखा जाएगा।दूसरी ओर ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसके क्षेत्र में किसी की हत्या होती है, तो वह पश्चिम एशिया में कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के ठिकानों को निशाना बनाएगा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि ये कंपनियां ईरान के खिलाफ साजिश में शामिल हैं।ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी यह टकराव अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां एक फैसला पूरे क्षेत्र ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।
ईरान की चेतावनी से अमेरिका सतर्क, कंपनियों की सुरक्षा बढ़ी
ईरान की ओर से वैश्विक कंपनियों को निशाना बनाने की खुली धमकी के बाद अमेरिका ने भी कड़ा रुख अपनाया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा 18 बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर हमले की चेतावनी दिए जाने के बाद वॉशिंगटन ने साफ कर दिया है कि उसकी सेना किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि अमेरिकी सेना पहले से ही अलर्ट मोड में है और ईरान की ओर से होने वाले किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल या ड्रोन हमले को विफल करने की क्षमता रखती है।
अधिकारी ने दावा किया कि हाल के समय में ऐसे हमलों में 90 प्रतिशत तक कमी आई है, जो अमेरिकी रक्षा तैयारियों का संकेत है।ईरान ने जिन कंपनियों को निशाना बनाने की बात कही है, उनमें गूगल, मेटा, ऐपल, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और टेसला जैसी दिग्गज टेक और औद्योगिक कंपनियां शामिल हैं। आईआरजीसी का आरोप है कि ये कंपनियां ईरान के खिलाफ कथित ‘साजिश’ में शामिल हैं।इस बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका अगले दो से तीन सप्ताह में अपने सैन्य अभियान को समेट सकता है। उन्होंने कहा कि ‘हम जल्द ही बाहर निकलेंगे’, जिससे यह संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन युद्ध को लंबा खींचने के मूड में नहीं है।वहीं, मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिका को इस संघर्ष की ‘फिनिश लाइन’ दिखाई दे रही है और कूटनीतिक स्तर पर ईरान के साथ बातचीत जारी है। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
इस बीच खाड़ी क्षेत्र में भी हलचल तेज हो गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात के संभावित हस्तक्षेप की खबरें हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।कुल मिलाकर, हालात ऐसे मोड़ पर हैं जहां एक तरफ युद्ध के विस्तार का खतरा बना हुआ है, तो दूसरी ओर कूटनीतिक समाधान की कोशिशें भी तेज हो रही हैं। दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी है।











