रिपोर्ट: दुर्गेश मिश्रा | खखरेरू, फतेहपुर
फतेहपुर। जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के सुदेशरा गांव में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए कथित करंटयुक्त तार की चपेट में आने से 70 वर्षीय वृद्ध और उसकी बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
बकरी चराकर लौट रहे थे वृद्ध
जानकारी के अनुसार सुदेशरा गांव निवासी इद्दू पुत्र दरगाही (70 वर्ष) शुक्रवार शाम करीब छह बजे अपनी बकरी चराकर घर वापस लौट रहे थे। रास्ते में सड़क किनारे स्थित एक खेत के चारों ओर सुरक्षा के उद्देश्य से झटका तार लगाया गया था। परिजनों का आरोप है कि इस तार में कथित रूप से 440 वोल्ट बिजली प्रवाहित की जा रही थी।
उसी दौरान इद्दू की बकरी खेत के पास घास चरते हुए करंटयुक्त तार की चपेट में आ गई और उसमें फंस गई। अपनी बकरी को बचाने के लिए जैसे ही इद्दू ने तार को हटाने का प्रयास किया, वह भी तेज करंट की चपेट में आ गए। बिजली का झटका इतना तेज था कि वृद्ध और बकरी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना से गांव में मचा हड़कंप
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। वृद्ध को जमीन पर पड़ा देखकर लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। ग्रामीणों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए खेतों में इस तरह खुलेआम करंट प्रवाहित किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इद्दू की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पुत्रियां रिहाना बानो, बेबी, कमरजहां, फूलजहां और रुखसाना बानो गहरे सदमे में हैं। वहीं उनका पुत्र इम्तियाज अहमद, जो रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई में रहता है, घटना की सूचना मिलने के बाद घर लौटने की तैयारी में है।
ग्रामीणों के अनुसार इद्दू बेहद मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वह बकरियां चराकर और पशुपालन के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से गांव के लोगों में भी गहरा दुख है।
किसान पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि खेत की सुरक्षा के नाम पर किसान धर्म सिंह पुत्र राधे ने खेत के चारों ओर झटका तार लगाया था, जिसमें कथित रूप से बिजली प्रवाहित की जा रही थी। उनका कहना है कि यदि खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार में करंट न छोड़ा गया होता तो यह दर्दनाक हादसा कभी नहीं होता।
परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर संबंधित किसान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही के कारण एक परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही खखरेरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
खेतों में करंट प्रवाहित करना कितना खतरनाक
ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए कई किसान खेतों के चारों ओर तार लगाते हैं। हालांकि यदि इन तारों में अवैध रूप से बिजली प्रवाहित की जाती है तो यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि इंसानों और पशुओं के जीवन के लिए भी बेहद घातक साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में पहले भी कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें लोगों और मवेशियों की जान जा चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों की सुरक्षा के लिए वैध और सुरक्षित उपाय अपनाने चाहिए। बिजली प्रवाहित कर खेतों की घेराबंदी करना गंभीर दुर्घटनाओं को आमंत्रित करता है और इसके लिए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों में अवैध रूप से करंट प्रवाहित करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उनका कहना है कि एक छोटी सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है और ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
