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कानपुर में गंदे पानी पर बवाल: पार्षद ने अफसरों को धूप में खड़ा कर कराया मरम्मत कार्य, 24 घंटे में समाधान का अल्टीमेटम

डेस्क रिपोर्ट

कानपुर नगर में चल रहे सीएम ग्रिड सड़क निर्माण कार्य के बीच एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, जिसने स्थानीय लोगों की सेहत को खतरे में डाल दिया। बाबाकुटी चौराहा से लेकर अलंकार गेस्ट हाउस तक चल रहे निर्माण कार्य के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके चलते क्षेत्र में गंदे पानी की सप्लाई शुरू हो गई। इस दूषित पानी को पीने से इलाके के कई लोग बीमार पड़ने लगे, जिससे स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया। कई दिनों तक समस्या बने रहने के बाद जब लोगों को कोई राहत नहीं मिली, तो उन्होंने क्षेत्र की पार्षद शालू सुनील कनौजिया को इसकी जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पार्षद तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर गंदे पानी की सप्लाई और बदहाल हालात को देखकर वह नाराज हो गईं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पार्षद ने जलकल विभाग के अधिशाषी अभियंता जोन-3 नबीला खान और जल निगम के अवर अभियंता आशीष जयंत को तत्काल मौके पर बुलाया। अधिकारियों के पहुंचते ही पार्षद ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ शब्दों में कहा कि जिस तरह से जनता गंदा पानी पीकर परेशान हो रही है, उसी तरह उन्हें भी धूप में खड़े रहकर हालात का सामना करना होगा, ताकि उन्हें जनता के दर्द का एहसास हो सके। पार्षद के इस सख्त रुख के बाद मौके का माहौल बदल गया। चिलचिलाती धूप में सभी अधिकारी खड़े रहे। इस दौरान पार्षद ने एक ओर जहां जेई आशीष जैन को कुर्सी पर बैठा दिया, वहीं खुद अधिशाषी अभियंता नबीला खान और अवर अभियंता मन्नू साहनी के साथ धूप में खड़ी रहीं। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया।

कुछ ही देर में तेज धूप का असर अधिकारियों पर दिखने लगा और अवर अभियंता आशीष जैन पसीने से तरबतर हो गए। इसके बाद उन्होंने विभाग की लापरवाही को स्वीकार किया और 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। हालांकि, पार्षद अपने रुख पर अडिग रहीं और उन्होंने अधिकारियों को मौके से जाने की अनुमति नहीं दी। पार्षद ने स्पष्ट कहा कि जब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक कोई भी अधिकारी वहां से नहीं जाएगा। इसके बाद अवर अभियंता ने तुरंत कर्मचारियों को मौके पर बुलवाया और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कराया गया। स्थानीय लोगों ने पार्षद की इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि अगर जनप्रतिनिधि इसी तरह सक्रिय रहें, तो जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकता है। लोगों का कहना था कि कई दिनों से गंदे पानी की समस्या बनी हुई थी, लेकिन विभाग के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे थे।

यह घटना न केवल विभागीय लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से प्रशासन को जवाबदेह बनाया जा सकता है। पार्षद शालू सुनील कनौजिया का यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों को उम्मीद है कि अब समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है और अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर पूरी तरह से जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा दिया है।

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