संवाददाता-दुर्गेश कुमार मिश्रा
खखरेरू/फतेहपुर।
खखरेरू थाना क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर प्रकरण में नामजद आरोपी की अब तक गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन कर रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक एसपी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और लगातार मुकदमा वापस लेने तथा समझौता करने का दबाव बना रहा है, जिससे पूरा परिवार और दोनों मासूम बच्चियां दहशत में हैं।
शिकायती पत्र के अनुसार, घटना 16 जून की सुबह करीब 11 बजे की है। पीड़ित की आठ वर्षीय पुत्री अपनी नौ वर्षीय सहेली के साथ गांव के बाहर जामुन बीनने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव निवासी गोलू पुत्र हीरालाल दोनों बच्चियों को बहला-फुसलाकर गांव के किनारे स्थित एक सुनसान मकान में ले गया, जहां उनके साथ अशोभनीय हरकत और छेड़छाड़ की गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने तत्काल खखरेरू थाने में तहरीर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पीड़ित परिवार में पुलिस कार्रवाई को लेकर चिंता और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहा है। इतना ही नहीं, वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए समझौता करने और मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है। परिजनों का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण परिवार के सदस्य मानसिक तनाव में हैं और दोनों बच्चियां भी भय के माहौल से बाहर नहीं निकल पा रही हैं।
परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी और बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। इसी कारण उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना, कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो पीड़ित पक्ष पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है और न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। फिलहाल मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।
