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Bijnor Breaking News: थानों में दलालों पर शिकंजा | बिजनौर पुलिस ने लागू किया आगंतुक हाजिरी रजिस्टर, अब हर आगंतुक का होगा रिकॉर्ड

ब्यूरो चीफ- मोहम्मद हिफजान

बिजनौर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उठाए गए कदमों के तहत जनपद बिजनौर में एक नई व्यवस्था लागू की गई है। शासन के निर्देशों के बाद जिले के सभी थाना, पुलिस चौकी और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालयों में “आगंतुक हाजिरी रजिस्टर” की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य पुलिस कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड रखना, अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण करना तथा कथित बिचौलियों और दलालों की सक्रियता पर रोक लगाना बताया जा रहा है।

इस संबंध में 23 जून 2026 से 26 जून 2026 तक जिला मुख्यालय पर अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में शासन के निर्देशों के अनुरूप नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति तैयार की गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा के निर्देशन में पूरे जनपद के सभी थानों, पुलिस चौकियों और सीओ कार्यालयों में आगंतुक हाजिरी रजिस्टर उपलब्ध करा दिए गए।

क्या है आगंतुक हाजिरी रजिस्टर?

नई व्यवस्था के तहत पुलिस कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को रजिस्टर में अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, आने का समय और आने का कारण दर्ज करना होगा। यदि कोई व्यक्ति दोबारा उसी मामले में आता है तो उसे यह भी बताना होगा कि पहली बार आने के बाद उसकी समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ और दोबारा आने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे मामलों की निगरानी आसान होगी और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बन सकेगी।

बिचौलियों और दलालों पर कसेगा शिकंजा

पुलिस विभाग का कहना है कि लंबे समय से यह शिकायतें मिलती रही हैं कि कुछ लोग बार-बार थानों और पुलिस कार्यालयों में आकर स्वयं को प्रभावशाली बताकर पीड़ितों से धन उगाही करते हैं। ऐसे लोगों पर आरोप लगते रहे हैं कि वे पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों अथवा अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों का नाम लेकर मामलों में हस्तक्षेप करने का दावा करते हैं।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब प्रत्येक आगंतुक का रिकॉर्ड दर्ज होगा, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि कौन व्यक्ति कितनी बार और किस उद्देश्य से पुलिस कार्यालय आया। इससे अनावश्यक रूप से बार-बार आने वालों की पहचान करना भी आसान होगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों को अधिक पारदर्शी और बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है। विभाग का कहना है कि आम जनता बिना किसी बिचौलिए के सीधे पुलिस तक अपनी बात पहुंचा सके, यही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी दर्ज करता है या बिना उचित कारण के बार-बार थाने अथवा पुलिस कार्यालय आता है, तो आवश्यकतानुसार उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

जिला स्तर पर हुई समीक्षा बैठक

सूत्रों के अनुसार 23 से 26 जून के बीच जिला मुख्यालय पर हुई बैठक में इस व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई थी। बैठक में विभिन्न थाना प्रभारियों और अधिकारियों को नई प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। इसके बाद सभी संबंधित कार्यालयों में रजिस्टर उपलब्ध कराए गए और कर्मचारियों को इसकी प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह जनहित में लागू की गई है। उनका उद्देश्य किसी भी आम नागरिक को परेशान करना नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।

अधिकारियों के अनुसार अब प्रत्येक शिकायतकर्ता की उपस्थिति दर्ज होने से शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किन मामलों में शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है और उसका कारण क्या है।

स्थानीय लोगों ने किया स्वागत

जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से इस पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो पुलिस कार्यालयों में अनावश्यक हस्तक्षेप कम होगा और आम नागरिकों को अपनी शिकायत दर्ज कराने में अधिक सुविधा मिलेगी।

कई समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।

भ्रष्टाचार रोकने की दिशा में पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगंतुक रजिस्टर का नियमित रूप से पालन किया गया और उसकी समय-समय पर समीक्षा होती रही, तो इससे पुलिस कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ कम होगी तथा कथित बिचौलियों की भूमिका सीमित हो सकती है। साथ ही प्रत्येक आगंतुक का रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से प्रशासनिक जवाबदेही भी बढ़ेगी।

आगे क्या?

पुलिस प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी। यदि कहीं इसका पालन नहीं किया जाता है या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल जनपद बिजनौर के सभी थाना, चौकी और सीओ कार्यालयों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। आने वाले समय में इसके प्रभाव का आकलन किया जाएगा कि यह पहल आम जनता को कितनी राहत पहुंचा पाती है और पुलिस व्यवस्था में कितना सुधार लाती है।

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