सवांददाता-अभिषेक तिवारी | कानपुर
कानपुर शहर में कथित तौर पर होटल और लॉज की आड़ में अवैध गतिविधियों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में देह व्यापार, नशा और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों की शिकायतें लगातार सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। आरोप है कि बाहरी राज्यों की युवतियों को नौकरी और रोजगार दिलाने का झांसा देकर शहर में लाया जा रहा है और बाद में उन्हें कथित रूप से अवैध धंधों में धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस को कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें कुछ नामी होटलों के कथित तौर पर संलिप्त होने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक किसी होटल या व्यक्ति का आधिकारिक नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

रोजगार के नाम पर झांसा देने का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अन्य राज्यों से आने वाली लड़कियों को नौकरी और बेहतर भविष्य का लालच देकर कानपुर बुलाया जाता है। प्रारंभिक तौर पर उन्हें रोजगार का भरोसा दिया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें कथित रूप से गलत गतिविधियों में शामिल करने का दबाव बनाया जाता है। कुछ शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस नेटवर्क के माध्यम से युवतियों को ब्लैकमेल कर अवैध कार्यों में धकेला जाता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

कई नामी होटलों की भूमिका पर सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, तो होटल संचालकों और संबंधित संस्थानों पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में होटल और गेस्ट हाउस की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा लंबे समय से होती रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूरे मामले में कुछ प्रमुख होटलों के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और विजिटर रजिस्टर की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन होटलों का इस्तेमाल किसी संगठित गिरोह द्वारा किया जा रहा था।

प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि शहर में खुलेआम ऐसी गतिविधियों के आरोप लगने के बावजूद रोकथाम के ठोस कदम नजर नहीं आ रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते निगरानी और छापेमारी अभियान चलाए जाते, तो ऐसे मामलों पर पहले ही अंकुश लगाया जा सकता था।
हालिया कार्रवाई के बाद भी सवाल कायम
हाल ही में कानपुर पुलिस ने विदेशी गांजे की खेप बरामद कर बड़ी कार्रवाई का दावा किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस की सक्रियता की सराहना भी हुई। लेकिन अब शहर में कथित तौर पर होटल की आड़ में चल रही अन्य अवैध गतिविधियों के आरोपों ने पुलिस की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि शहर में नशा, देह व्यापार और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, तो केवल “अग्रिम विधिक कार्रवाई” की बात पर्याप्त नहीं है।

पुलिस का बयान
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, शिकायतों के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, होटल रजिस्टर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। यदि किसी व्यक्ति या संस्थान की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सामाजिक चिंता का विषय
यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और महिला संरक्षण से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी है। रोजगार के नाम पर किसी भी तरह का धोखा और शोषण समाज के लिए चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पुलिस के साथ-साथ श्रम विभाग, महिला आयोग और जिला प्रशासन को भी संयुक्त रूप से काम करने की आवश्यकता है।













