सवांददाता-सुनील तिवारी
कानपुर: स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल कर चुके कानपुर में जहां एक ओर यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे और आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) लगाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा,भारी वाहन और ऑटो चालक नम्बर प्लेट छुपाकर खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, और यह प्रवृत्ति अब एक परम्परा का रूप लेती जा रही है।

रामादेवी, नौबस्ता, टाटमिल, बर्रा और जरीब चौकी जैसे प्रमुख चौराहों पर लगे अत्याधुनिक कैमरे पल भर में चालान काटने में सक्षम बताए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद इन वाहनों पर कोई खास असर नहीं दिख रहा। अधिकतर ई-रिक्शा, भारी वाहन और ऑटो चालकों ने अपनी नम्बर प्लेट पर या तो कीचड़ पोत रखा है, या फिर उसे कपड़े, पॉलीथिन या काली टेप से ढक रखा है, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

इस तरह नम्बर प्लेट छुपाकर वाहन चलाना न सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, हिट एंड रन जैसी घटनाओं में ऐसे वाहनों की पहचान करना लगभग असंभव हो जाता है। यही नहीं, अपराधी भी बिना नम्बर प्लेट या छुपे नम्बर वाले वाहनों का इस्तेमाल लूटपाट और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं।

नम्बर छुपाने के कारण इन चालकों में नियमों का डर भी खत्म हो चुका है। यही वजह है कि वे बीच सड़क पर वाहन खड़ा करने, रॉन्ग साइड चलने और ट्रैफिक जाम बढ़ाने से भी नहीं हिचकते। उन्हें यह भरोसा रहता है कि उनकी पहचान नहीं हो पाएगी और चालान से बच जाएंगे।

हैरानी की बात यह है कि जिन चौराहों पर यातायात पुलिस और होमगार्ड तैनात रहते हैं, वहीं उनकी आंखों के सामने ये ‘बेनाम’ वाहन गुजरते रहते हैं। इसके बावजूद इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती, जिससे पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शहरवासियों का कहना है कि अगर स्मार्ट सिटी के कैमरे और आईटीएमएस सिस्टम ऐसे वाहनों की पहचान नहीं कर पा रहे हैं, तो यह तकनीक और प्रशासन दोनों की विफलता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत नम्बर प्लेट के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद इस नियम की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

ऐसे में आवश्यकता है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाए, नम्बर प्लेट छुपाकर चलने वाले वाहनों को जब्त करे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। तभी स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को वास्तविकता में बदला जा सकेगा और शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
मुख्य बिंदु
. नम्बर प्लेट ढंककर दौड़ रहे वाहन ।
. पुलिस और होमगार्ड की मौजूदगी पर सवाल ।
. CCTV निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न ।
. मोटर वाहन अधिनियम का खुला उल्लंघन ।
. सख्त अभियान चलाने की मांग ।











