यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली: एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े विवादित चैप्टर को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि इस चैप्टर को दोबारा तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई है।इस समिति में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा, पूर्व जज अनिरुद्ध बोस और पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल शामिल होंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ को यह जानकारी दी।यह पूरा विवाद कक्षा 8 की किताब ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ के उस चैप्टर से जुड़ा है, जिसमें न्यायपालिका में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित सामग्री शामिल की गई थी। इस पर आपत्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए किताब के उत्पादन और वितरण पर रोक लगा दी थी।सुनवाई के दौरान अदालत ने एनसीईआरटी के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई थी और स्पष्ट किया था कि चैप्टर को किसने लिखा और किसने मंजूरी दी, यह पारदर्शी होना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया था कि एक सप्ताह के भीतर विशेषज्ञ समिति गठित की जाए।केंद्र के आश्वासन और समिति गठन की जानकारी के बाद अदालत ने अपने स्वतः संज्ञान मामले का निपटारा कर दिया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि भविष्य में ऐसे शैक्षणिक विषयों को तैयार करते समय राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी जैसे संस्थानों को भी शामिल किया जाए।इस घटनाक्रम के बाद अब नया चैप्टर विशेषज्ञों की निगरानी में तैयार किया जाएगा, जिससे पाठ्य सामग्री की विश्वसनीयता और संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य बिंदु
- एनसीईआरटी की कक्षा 8 की किताब के न्यायपालिका चैप्टर पर विवाद
- सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर किताब के उत्पादन और वितरण पर लगाई थी रोक
- केंद्र सरकार ने चैप्टर को दोबारा लिखने के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई
- समिति में पूर्व जज इंदु मल्होत्रा, अनिरुद्ध बोस और केके वेणुगोपाल शामिल
- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
- कोर्ट ने एनसीईआरटी के जवाब पर जताई थी नाराजगी
- चैप्टर के लेखन और मंजूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को एक सप्ताह में समिति बनाने का दिया था निर्देश
- समिति गठन के बाद कोर्ट ने स्वतः संज्ञान मामले का निपटारा किया
- भविष्य में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी जैसे संस्थानों को शामिल करने का निर्देश
- नया चैप्टर अब विशेषज्ञों की निगरानी में तैयार किया जाएगा
















