अमेरिका का ईरान पर बड़ा वार? खार्ग द्वीप के तेल टर्मिनल निशाने पर

ट्रंप का दावा: ईरान के मिलिट्री बेस तबाह, तेल सुविधाओं पर भी हमला

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर भीषण हमला कर वहां मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यहां से देश के करीब 90 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। यह द्वीप ईरान के तट से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो द्वीप पर मौजूद तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। इसी बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान के साथ जारी तनाव के बीच पश्चिम एशिया में 2,500 अतिरिक्त मरीन और एक युद्धपोत तैनात किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और मजबूत की जा सके।इसी बीच ईरान की राजधानी तेहरान में शुक्रवार को एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे शहर का केंद्रीय चौक हिल गया। उस समय वहां हजारों लोग फलस्तीनियों के समर्थन और इजराइल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित एक वार्षिक रैली में शामिल थे। हालांकि विस्फोट में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और बाद में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया।दूसरी ओर ईरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को भी बाधित करने की कोशिश की है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल व्यापार के लिए अहम माना जाता है। वहीं अमेरिकी और इजराइली युद्धक विमान ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बमबारी कर रहे हैं।एक साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान की सरकार को गिराए जाने के सवाल पर सावधानी भरा रुख अपनाते हुए कहा कि हथियारों से लैस ताकतों से मुकाबला करना किसी भी नागरिक आंदोलन के लिए बड़ी चुनौती होता है। उन्होंने ईरान के अर्द्धसैनिक संगठन बासिज का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बल ने पहले भी देश में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों को दबाने में अहम भूमिका निभाई है।

जंग की आहट! पश्चिम एशिया में अमेरिका ने भेजे 2500 मरीन सैनिक

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक करीब 2,500 मरीन सैनिक और कम से कम एक युद्धपोत क्षेत्र की ओर रवाना किए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट और युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली को पश्चिम एशिया जाने का आदेश दिया गया है। इस तैनाती से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति काफी बढ़ जाएगी और तनाव और गहरा सकता है।इसी बीच अमेरिका ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ भी बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। अमेरिकी नोटिस में उन अधिकारियों को निशाना बनाया गया है जो ईरान की सत्ता और सैन्य तंत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं।इनमें अली असगर हेजाजी (डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ), यहया रहीम सफावी (सैन्य सलाहकार), अली लारीजानी (सलाहकार), एस्कंदर मोमेनी (आंतरिक मामलों के मंत्री) और इस्माइल खतीब (खुफिया एवं सुरक्षा मंत्री) के नाम भी शामिल हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये अधिकारी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के विभिन्न हिस्सों का संचालन करते हैं, जिस पर वैश्विक स्तर पर आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने का आरोप लगाया जाता रहा है।अमेरिका ने यह भी कहा है कि महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले व्यक्ति को नकद इनाम के साथ सुरक्षित स्थान पर बसाने की सुविधा भी दी जा सकती है। यह कदम ईरान में हाल ही में शीर्ष नेतृत्व से जुड़े घटनाक्रम और जारी सैन्य अभियानों के बीच उठाया गया है।इधर, होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले कई जहाजों के फंसे होने की खबरों के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए ईरान पूरी कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत पुराने मित्र हैं और दोनों देशों के हित तथा विश्वास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात और बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाला समुद्री मार्ग दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

मुख्य बिंदु

  • डोनाल्ड ट्रंप का दावा – अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी के खार्ग द्वीप पर हमला कर ईरानी सैन्य ठिकानों को तबाह किया।
  • खार्ग द्वीप का महत्व – ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90% इसी द्वीप से होता है, इसलिए यह उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।
  • तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर चेतावनी – ट्रंप ने कहा कि हालात नहीं सुधरे तो द्वीप के तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है।
  • अमेरिका की सैन्य तैनाती – पश्चिम एशिया में तनाव के बीच 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिक और युद्धपोत USS Tripoli भेजे गए।
  • तेहरान में बड़ा विस्फोट – राजधानी के केंद्रीय चौक पर रैली के दौरान धमाका, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं।
  • ईरान के हमले तेज – ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ाए।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा – ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को बाधित करने की कोशिश की, जिससे वैश्विक तेल व्यापार प्रभावित हो सकता है।
  • ईरानी नेताओं पर इनाम – अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई समेत कई अधिकारियों की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर तक इनाम घोषित किया।
  • भारतीय जहाजों की चिंता – होर्मुज में भारतीय ध्वज वाले जहाजों के फंसे होने की खबरों पर ईरान ने समाधान का भरोसा दिया।
  • वैश्विक चिंता बढ़ी – पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों से दुनिया भर में तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता

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