ईरान-अमेरिका में बढ़ा टकराव, बिजली ग्रिड पर हमले की धमकी; ब्रिटेन के एयरबेस से हमले की तैयारी

1 ईरान के वरिष्ठ नेता बोले—बिजली व्यवस्था पर हमला हुआ तो क्षेत्रीय ऊर्जा नेटवर्क को देंगे करारा जवाब 2 लारीजानी बोले—अमेरिका ने बिजली व्यवस्था पर हमला किया तो आधे घंटे में पूरे इलाके का पावर ग्रिड ठप कर देंगे

यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तीखी बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ईरान की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को निशाना बनाता है तो तेहरान पूरे क्षेत्र के बिजली ग्रिड पर हमला कर सकता है।
लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर ऐसा हुआ तो आधे घंटे से भी कम समय में पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा जाएगा। उनके अनुसार इस स्थिति में अंधेरे का फायदा उठाकर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जा सकता है।
लारीजानी का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान संघर्ष को बढ़ाता है तो अमेरिका एक घंटे के भीतर ईरान की बिजली आपूर्ति प्रणाली को पूरी तरह ध्वस्त कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक ऐसा होने पर ईरान को अपनी बिजली व्यवस्था दोबारा खड़ी करने में 25 साल तक का समय लग सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ऐसा कदम आदर्श रूप से उठाना नहीं चाहता।इससे पहले भी लारीजानी ने ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि ट्रंप को ‘खत्म’ किया जा सकता है और इतिहास में उनसे कहीं अधिक शक्तिशाली लोग भी ईरान को खत्म नहीं कर पाए हैं।इसी बीच ट्रंप ने ईरान और उसके नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति रोकने की कोशिश करता है तो अमेरिका पहले से बीस गुना ज्यादा कठोर जवाब देगा।गौरतलब है कि अली लारीजानी ईरान के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और परमाणु वार्ताओं से लेकर क्षेत्रीय कूटनीति तथा आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में उनकी अहम भूमिका रही है। अमेरिका ने जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कथित कठोर कार्रवाई के आरोप में उन पर प्रतिबंध भी लगाए थे।

रिपोर्ट्स में सैन्य गतिविधियां तेज, संभावित कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी प्रशासन ने सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पहली बार ब्रिटेन के सैन्य ठिकाने का इस्तेमाल कर ईरान पर हमले की योजना बनाई है।
इसके लिए अमेरिका ने तीन बी‑1बी लेंसर रणनीतिक बमवर्षक विमानों को ब्रिटेन के आरएएफ फायरफोर्ड एयरबेस पर तैनात कर रखा है। माना जा रहा है कि यह ब्रिटिश ठिकाने से ईरान पर अमेरिकी हमलों का पहला बड़ा मिशन हो सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्राउंड क्रू इन विमानों में जेडीएएम किट से लैस बंकर-बस्टर बम लोड करते देखे गए हैं। ये किट सामान्य बमों को जीपीएस-निर्देशित सटीक हथियारों में बदल देती हैं। इनका इस्तेमाल 500 पाउंड के एमके-82, 1,000 पाउंड के एमके-83 और 2,000 पाउंड के एमके-84 बमों के साथ किया जा सकता है।

गहरे बंकर और सुरंगों को नष्ट करने के लिए बनाए गए खास बम, युद्ध में बढ़ती जा रही अहमियत

बंकर-बस्टर बम विशेष रूप से भूमिगत सैन्य ठिकानों, कंक्रीट बंकरों और सुरंगों को नष्ट करने के लिए बनाए जाते हैं। इनमें मजबूत स्टील आवरण होता है जो जमीन के भीतर गहराई तक प्रवेश करने के बाद विस्फोट करता है।अमेरिकी हथियार प्रणाली जीबीयू‑57 मैसिव ऑर्डिनेंस पेनट्रेटर लगभग 200 फीट (करीब 60 मीटर) तक जमीन के भीतर जाकर लक्ष्य को नष्ट करने में सक्षम मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बी‑1बी लेंसर को ऐसे बंकर-बस्टर हथियारों से लैस किया जाता है तो वे भूमिगत मिसाइल ठिकानों और सैन्य भंडार जैसे कठिन लक्ष्यों को भी निशाना बना सकते हैं।इस बीच युद्ध में ब्रिटेन की भूमिका पर भी बहस छिड़ गई है। शुरुआत में ब्रिटिश प्रधानमंत्री केर स्टारमर की सरकार ने कहा था कि ब्रिटिश ठिकानों का इस्तेमाल सीधे हमलों के लिए नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन बाद में अमेरिकी अनुरोध को मंजूरी दे दी गई।युद्ध के बाद ब्रिटेन ने पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य संसाधन भी तैनात किए हैं। हालांकि देश के भीतर इस कार्रवाई को लेकर समर्थन सीमित है और कई सर्वेक्षणों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईरान पर अमेरिकी हमलों का विरोध जताया है।

मुख्य बिंदु

  • ईरान की चेतावनी: वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने कहा कि अमेरिका ने बिजली व्यवस्था को निशाना बनाया तो पूरे क्षेत्र के पावर ग्रिड पर हमला किया जा सकता है।
  • आधे घंटे में अंधेरा: लारीजानी का दावा—ऐसा हुआ तो 30 मिनट से भी कम समय में पूरे इलाके में बिजली ठप हो सकती है।
  • US ट्रंप का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका एक घंटे में ईरान की बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर सकता है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर चेतावनी: ट्रंप ने कहा कि तेल आपूर्ति रोकने की कोशिश हुई तो अमेरिका 20 गुना सख्त जवाब देगा।
  • ब्रिटेन के एयरबेस से तैयारी: अमेरिका ने तीन B-1B लांसर रणनीतिक बमवर्षक विमान ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर तैनात किए हैं।
  • बंकर-बस्टर हथियार तैनात: रिपोर्ट्स के अनुसार विमानों में JDAM किट से लैस बंकर-बस्टर बम लोड किए गए हैं।
  • भूमिगत ठिकानों पर हमला संभव: ये हथियार जमीन के अंदर बने बंकर और सैन्य ठिकानों को भी नष्ट करने में सक्षम हैं।

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