यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ बयूरो
नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति और गंभीर होती जा रही है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ सऊदी अरब, बहरीन, यूएई और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। इसी बीच रिपोर्ट सामने आई है कि ईरान अब सीधे अमेरिकी मुख्य भूमि को भी लक्ष्य बना सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार ईरान कैलिफोर्निया पर ड्रोन हमले की योजना बना रहा है। इस संभावित खतरे को देखते हुए फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने राज्य के पुलिस विभागों को सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया है। चेतावनी में कहा गया है कि यदि युद्ध और बढ़ता है तो ईरान पश्चिमी तट पर ड्रोन के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना सकता है।मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि फरवरी 2026 की शुरुआत में खुफिया एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली थी कि ईरान किसी अज्ञात जहाज से यूएवी के जरिए अमेरिकी तट पर अचानक हमला करने की रणनीति पर विचार कर रहा था। इसी आशंका के मद्देनजर कैलिफोर्निया में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इस बीच ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ईरान जैसा बलिदानी राष्ट्र धमकियों से डरने वाला नहीं है और यदि दबाव बढ़ाया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।दूसरी ओर ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अपनी शर्तें भी सामने रख दी हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका को ईरान के अधिकारों को मान्यता देनी होगी, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी और भविष्य में ईरान पर हमले न करने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी देनी होगी। उनके अनुसार इन शर्तों को स्वीकार किए बिना मौजूदा संघर्ष का समाधान संभव नहीं है।

दुनिया की सांसें थमीं! होर्मुज पर टकराव, लंबी जंग की चेतावनी
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यदि टकराव जारी रहा तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। हाल ही में ईरान ने दो वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की और अमेरिका या उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को चेतावनी दी। साथ ही वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है और ईरान में अब अमेरिकी सेना के निशाने पर लेने के लिए बहुत कम लक्ष्य बचे हैं। लेकिन क्षेत्रीय हालात इसके उलट संकेत दे रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों तथा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से यह संघर्ष लगातार तेज होता गया है। इसके चलते वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है।तेल कीमतों को काबू में रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने सदस्य देशों को अपने भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की घोषणा की है। इसे अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक तेल निकासी माना जा रहा है।

जहाजों पर हमले से बढ़ा खतरा, वैश्विक व्यापार पर मंडराया संकट
संघर्ष के 12वें दिन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने उन आर्थिक संस्थानों और बैंकों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है जिन्हें वह अमेरिकी और इजरायली हितों से जुड़ा मानता है। इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दुबई से अपने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है।
ईरान ने दावा किया कि उसने लाइबेरिया के झंडे वाले कंटेनर जहाज एक्सप्रेस रोम और थाई मालवाहक पोत मयूरी नारी पर हमला किया, क्योंकि उन्होंने चेतावनी के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश किया था। ओमान की नौसेना ने जहाज से 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
विश्लेषकों के मुताबिक यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी का परिवहन इसी मार्ग से होता है, जबकि उर्वरक आपूर्ति का भी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इस बीच इमैनुएल मैक्रों ने जी-7 देशों से अपील की है कि जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल कराने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से मानवीय सहायता सामग्री के आवागमन की अनुमति देने की अपील की है।
इसी दौरान दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के पास दो ड्रोन गिरने से चार लोग घायल हो गए, जबकि सलालाह बंदरगाह के ईंधन टैंकों को निशाना बनाए जाने से लाखों लीटर तेल में आग लग गई। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन यह साफ संकेत है कि यह संघर्ष अब पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
मुख्य बिंदु
- एफबीआई का अलर्ट – ईरान द्वारा कैलिफोर्निया पर ड्रोन हमले की आशंका, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश।
- अमेरिका को चेतावनी – ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने डोनाल्ड ट्रंप को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ईरान धमकियों से डरने वाला नहीं है।
- युद्ध खत्म करने की तीन शर्तें – ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका को ईरान के अधिकार मानने होंगे, युद्ध का नुकसान भरना होगा और भविष्य में हमला न करने की गारंटी देनी होगी।
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव – ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के अहम समुद्री मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत कर दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं।
- जहाजों पर हमले – ईरान ने चेतावनी के बावजूद होर्मुज में प्रवेश करने वाले दो वाणिज्यिक जहाजों पर फायरिंग की।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा – विशेषज्ञों के अनुसार यदि होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हुआ तो दुनिया की लगभग 20% तेल और LNG आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
- ड्रोन हमले और आग – दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन गिरने से लोग घायल हुए, जबकि सलालाह बंदरगाह पर ईंधन टैंकों में आग लग गई।
















