यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत के एक मर्चेंट नेवी इंजीनियर समेत आठ भारतीयों को ईरान की जेल से रिहा कर दिया गया है। रिहाई के बाद सभी भारतीय नागरिक अब भारतीय दूतावास के संरक्षण में हैं। गाजियाबाद में रहने वाले उनके परिवार ने बताया कि इस खबर से उन्हें बड़ी राहत मिली है, हालांकि बेटे के सुरक्षित घर लौटने के बाद ही पूरी तसल्ली होगी।डीएलएफ कॉलोनी निवासी केतन मेहता दुबई की एक शिपिंग कंपनी में मर्चेंट नेवी इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। दिसंबर 2025 में उनका कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने वाला था और वे घर लौटने की तैयारी में थे। इसी दौरान 8 दिसंबर 2025 को उनका जहाज एमटी वैलियंट रोअर को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने रोक लिया। ईरानी एजेंसियों ने जहाज पर ईंधन तस्करी का आरोप लगाते हुए चालक दल को हिरासत में ले लिया था।
जहाज पर कुल 18 सदस्य सवार थे, जिनमें 16 भारतीय थे। बाद में चालक दल के आठ सदस्यों को रिहा कर दिया गया, जबकि केतन मेहता समेत आठ लोगों को ईरान की जेल में रखा गया था। केतन के पिता मुकेश मेहता के अनुसार भारतीय दूतावास लगातार परिवार से संपर्क में था। हाल ही में जानकारी मिली कि केतन और उनके साथियों को जमानत मिल गई है और अब उन्हें दूतावास की ओर से होटल में ठहराया गया है।इस बीच खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध का असर कई भारतीय परिवारों पर भी पड़ा है। वसुंधरा निवासी 27 वर्षीय नीतीश खांकरियाल नौ फरवरी 2026 को नौकरी के लिए दुबई गए थे, लेकिन युद्ध के कारण वहीं फंस गए। उनका भारत लौटने का टिकट 29 मार्च का है और परिवार उनके जल्द सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहा है।
इसी तरह इंदिरापुरम निवासी मीरा शर्मा भी तीन महीने के विजिट वीजा पर अपने बेटे मनीष कुमार और बहू शीलू के पास दुबई गई थीं और अभी तक वापस नहीं लौट सकी हैं। परिजनों का कहना है कि दुबई में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की खबरों से अब उनके लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।
मुख्या बिन्दु
- भारतीयों को राहत: ईरान की जेल में बंद केतन मेहता समेत 8 भारतीय नागरिकों को जमानत पर रिहा किया गया।
- मर्चेंट नेवी इंजीनियर: गाजियाबाद के डीएलएफ कॉलोनी निवासी केतन मेहता दुबई की शिपिंग कंपनी में इंजीनियर हैं।
- दिसंबर 2025 में हिरासत: 8 दिसंबर 2025 को एमटी वैलियंट रोअर जहाज को ईरानी एजेंसियों ने रोक लिया था।
- ईंधन तस्करी का आरोप: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चालक दल पर ईंधन तस्करी का आरोप लगाया था।
- जहाज पर 16 भारतीय: कुल 18 क्रू मेंबर में से 16 भारतीय थे, जिनमें से 8 को पहले ही रिहा कर दिया गया था।
- दूतावास के संरक्षण में: रिहाई के बाद सभी भारतीयों को भारतीय दूतावास की ओर से होटल में ठहराया गया है।
- परिवार ने ली राहत की सांस: केतन के परिवार को उनके सुरक्षित घर लौटने का इंतजार है
















