स्मार्ट मीटर से बढ़ी परेशानी, मुआवजे की उठी मांग

नेगेटिव बैलेंस से कटे हजारों कनेक्शन, रीचार्ज के बाद भी नहीं जुड़ रही बिजली

सवांददाता -महेश कुमार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू होते ही बड़ी संख्या में प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। लाखों उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं और कई मामलों में रीचार्ज कराने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। इससे परेशान लोग बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।इस मुद्दे को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की मांग उठाई है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि नियमों के अनुसार यदि रीचार्ज के दो घंटे के भीतर कनेक्शन बहाल नहीं होता है तो उपभोक्ता को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए।आंकड़ों के अनुसार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को क्षेत्रों में 14 मार्च की शाम 5:30 बजे तक 1,13,862 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस के कारण कट गए थे। इनमें से 16,263 मामलों में रीचार्ज के बाद कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन 2,909 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है।उपभोक्ता परिषद ने इन मामलों की जांच कराने की मांग की है। परिषद का कहना है कि बकायेदार उपभोक्ताओं को एक बार 40 प्रतिशत भुगतान करने के बाद शेष रकम तीन किस्तों में चुकाने का विकल्प दिया जाता है, लेकिन यह सुविधा स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही है। इस संबंध में मामला जल्द ही नियामक आयोग के समक्ष उठाया जाएगा।प्रदेश में फिलहाल 50 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर खातों का बैलेंस नेगेटिव बताया जा रहा है। उधर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने आदेश जारी कर कहा है कि नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ता यदि बकाया का 50 प्रतिशत जमा करते हैं तो उनका कनेक्शन केवल तीन दिनों के लिए जोड़ा जाएगा। इस अवधि में पूरा रीचार्ज नहीं होने पर बिजली आपूर्ति फिर से काट दी जाएगी।गौरतलब है कि केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत प्रदेश में पुराने पोस्टपेड मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। 13 मार्च से स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्वतः कटने लगे हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्य बिंदु

  • उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू होने के बाद लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
  • नेगेटिव बैलेंस के कारण बड़ी संख्या में बिजली कनेक्शन स्वतः कट गए।
  • कई मामलों में रीचार्ज कराने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही।
  • राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की मांग उठाई है।
  • परिषद के अनुसार रीचार्ज के दो घंटे के भीतर कनेक्शन न जुड़ने पर 50 रुपये प्रतिदिन मुआवजा मिलना चाहिए।
  • 14 मार्च तक 1,13,862 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस के कारण कटे।
  • इनमें से 2,909 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी।
  • प्रदेश में फिलहाल 50 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर खातों का बैलेंस नेगेटिव बताया जा रहा है।
  • बिजली विभाग ने आदेश दिया है कि 50% बकाया जमा करने पर कनेक्शन केवल तीन दिन के लिए जोड़ा जाएगा।
  • इस योजना से प्रदेश के हजारों गरीब परिवारों का घर का सपना पूरा होगा

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