संवाददाता-सुनील तिवारी
कानपुर: रेलवे संपत्ति को निशाना बनाकर ट्रेनों से डीज़ल–पेट्रोल चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ कानपुर पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीआईबी ग्वालियर और कानपुर की संयुक्त टीम द्वारा भीमसेन आरपीएफ पोस्ट क्षेत्र में की गई, जहां दोनों आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा गया। इस कार्रवाई के बाद रेलवे यार्ड में सक्रिय तेल चोर गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में ट्रेनों से ईंधन चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही थी। खासकर रात के समय खड़ी ट्रेनों और यार्ड में खड़े इंजन इन चोरों के निशाने पर रहते थे। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और आरपीएफ ने संयुक्त रणनीति बनाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
बताया गया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि भीमसेन क्षेत्र में कुछ लोग ट्रेनों से ईंधन चोरी की फिराक में हैं। इस पर संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर छापेमारी की और मौके से दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सागर गौतम और शिवम गौतम के रूप में हुई है, जो सचेंडी थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
15 कैन ईंधन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 कैन (कटी) डीज़ल–पेट्रोल बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 34 हजार रुपये बताई जा रही है। बरामद ईंधन को जब्त कर लिया गया है और मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस अवैध धंधे में लिप्त थे और रेलवे यार्ड में खड़ी ट्रेनों के टैंकों से ईंधन निकालकर बेचते थे। इस काम के लिए वे विशेष उपकरणों और पाइप का इस्तेमाल करते थे, जिससे बिना किसी को भनक लगे चोरी को अंजाम दिया जा सके।
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गैंग में चार अन्य लोग भी शामिल हैं, जो अभी फरार हैं। आरोपियों द्वारा बताए गए नामों के आधार पर पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले पनकी थाना क्षेत्र में भी तेल चोरी से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। उस दौरान गोलीकांड के बाद पुलिस ने व्यापक अभियान चलाकर कुख्यात तेल चोर सुधीर तिवारी समेत कई अपराधियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई के बाद कुछ समय तक रेलवे क्षेत्र में चोरी की घटनाएं थम गई थीं, लेकिन अब सचेंडी क्षेत्र में हुई इस नई गिरफ्तारी ने संकेत दिया है कि तेल चोर गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।
रेलवे सुरक्षा पर बड़ा सवाल
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे यार्ड और ट्रेनों की सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हो रही है, जिसका फायदा उठाकर ये गिरोह सक्रिय हो रहे हैं। हालांकि, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और गश्त भी तेज कर दी गई है।
कानूनी कार्रवाई शुरू
गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों को पकड़कर सख्त कार्रवाई की जा सके।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
कानपुर में तेल चोरी करने वाले गिरोह पर हुई यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। हालांकि, यह भी साफ है कि इस तरह के संगठित अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है। आने वाले दिनों में पुलिस द्वारा और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके
















