कानपुर: किदवई नगर स्थित सोशल रिसर्च फाउंडेशन, कानपुर की ओर से बुधवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में “बदलता समाज और महिलाओं की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, होली मिलन और सम्मान समारोह का आयोजन दो सत्रों में किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बदलते सामाजिक परिवेश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके सशक्तिकरण पर जोर दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अनीता गुप्ता, सदस्य राज्य महिला आयोग रहीं। इस अवसर पर डॉ. हेमा पाण्डेय, डॉ. भावना शर्मा, डॉ. मंजीत कौर, डॉ. ई. वनाजक्षी, डॉ. नीता अग्निहोत्री, डॉ. नेहा शुक्ला, डॉ. मेघा कुमारी, सीए अदिति गुप्ता तथा डॉ. सुधांशु चन्द्रा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बदलते समाज में महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्रों में नई पहचान बना रही हैं और समाज के विकास में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।संगोष्ठी के बाद काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसका संचालन डॉ. राजीव मिश्रा ने किया। इस दौरान दीपा पटेल, सुमनलता सचान,कुसुम सिंह ‘अविचल’, अन्नपूर्णा बाजपेई, डॉ. आदित्य, अजीब कटियार, एडवोकेट मनीष, रंजन त्रिपाठी और उमा विश्वकर्मा सहित शहर व बाहर से आए कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को साहित्यिक ऊंचाई प्रदान की।
मुख्य बिंदु
- राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन – किदवई नगर स्थित सोशल रिसर्च फाउंडेशन, कानपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “बदलता समाज और महिलाओं की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई।
- दो सत्रों में कार्यक्रम – कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगोष्ठी, होली मिलन और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
- मुख्य अतिथि की उपस्थिति – कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अनीता गुप्ता (सदस्य, राज्य महिला आयोग) रहीं।
- महिला सशक्तिकरण पर चर्चा – वक्ताओं ने कहा कि बदलते समाज में महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।
- प्रमुख वक्ताओं ने रखे विचार – डॉ. हेमा पाण्डेय, डॉ. भावना शर्मा, डॉ. मंजीत कौर, डॉ. ई. वनाजक्षी, डॉ. नीता अग्निहोत्री, डॉ. नेहा शुक्ला, डॉ. मेघा कुमारी, सीए अदिति गुप्ता और डॉ. सुधांशु चन्द्रा ने अपने विचार साझा किए।
- काव्य गोष्ठी का आयोजन – संगोष्ठी के बाद काव्य गोष्ठी आयोजित हुई, जिसका संचालन डॉ. राजीव मिश्रा ने किया।
- कवियों ने प्रस्तुत की रचनाएं – दीपा पटेल, सुमनलता सचान, कुसुम सिंह ‘अविचल’, अन्नपूर्णा बाजपेई, डॉ. आदित्य, अजीब कटियार, एडवोकेट मनीष, रंजन त्रिपाठी और उमा विश्वकर्मा ने काव्य पाठ किया।
- कार्यक्रम में उत्साह – शहर और बाहर से आए कवि-कवयित्रियों की भागीदारी से कार्यक्रम को साहित्यिक और सांस्कृतिक रंग मिला।
















