भ्रष्टाचार में फंसे लेखपाल आलोक दुबे बर्खास्त, आय से अधिक संपत्ति का मामला

सवांददाता -सुनील तिवारी

कानपुर। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में घिरे चर्चित लेखपाल आलोक दुबे पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ दायर उनकी अपील को खारिज करते हुए यह कड़ा फैसला सुनाया। जांच में सामने आया कि राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनाती के दौरान आलोक दुबे भूमियों के क्रय-विक्रय के कारोबार में सक्रिय रूप से संलिप्त थे और अपने पदीय अधिकारों का दुरुपयोग कर निजी लाभ अर्जित कर रहे थे। साथ ही उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप भी प्रमाणित पाए गए, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई थी।मंडलायुक्त ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि अपीलकर्ता ने राजस्व निरीक्षक के पद पर रहते हुए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं किया, बल्कि सरकारी पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए जमीनों के खरीद-फरोख्त में भूमिका निभाई। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की, जो सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन है।मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त ने आलोक दुबे की अपील को निरस्त करते हुए तत्कालीन राजस्व निरीक्षक एवं वर्तमान लेखपाल को तत्काल प्रभाव से पद और राजकीय सेवा से पदच्युत करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश की प्रति जिलाधिकारी कानपुर नगर तथा संबंधित कर्मचारी को भेज दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है और अधिकारियों का कहना है कि सरकारी पद का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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