यूपी क्राइम अलर्ट न्यूज़ ब्यूरो
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस को दलितों के अपमान का प्रतीक बताते हुए कहा कि जिस पार्टी ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान नहीं किया, वह आज मान्यवर कांशीराम के नाम पर राजनीति करने का ढोंग कर रही है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों और रवैये के कारण ही कांशीराम को बहुजन समाज पार्टी की स्थापना करनी पड़ी थी।मायावती ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक केंद्र की सत्ता संभाली, लेकिन उस दौरान बाबा साहेब अंबेडकर को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की पहल नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी अंबेडकर का सम्मान नहीं कर सकी, वह आज कांशीराम को सम्मान देने की बात कैसे कर सकती है।बसपा प्रमुख ने उस समय का भी जिक्र किया जब कांशीराम का निधन हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस वक्त केंद्र में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित नहीं किया था। मायावती के अनुसार, इन दोनों दलों की मानसिकता दलित महापुरुषों के प्रति हमेशा संकुचित रही है।

मायावती ने उन छोटे दलित संगठनों और राजनीतिक दलों पर भी हमला बोला जो कांशीराम के नाम का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों के प्रभाव में काम कर रहे ये संगठन बसपा को कमजोर करने के लिए मान्यवर के नाम का सहारा ले रहे हैं।अपने संदेश के अंत में मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि 15 मार्च को कांशीराम की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को भव्य और सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बसपा ही एकमात्र पार्टी है जो कांशीराम के सिद्धांतों पर अडिग रहकर दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।
मुख्य बिंदु
- बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
- उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को उनके जीवनकाल में सम्मान नहीं दिया, वही अब श्रद्धा दिखाने का नाटक कर रही है।
- मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ दल राजनीतिक लाभ के लिए अंबेडकर और कांशीराम के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- मायावती ने कार्यकर्ताओं से बहुजन समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
- उन्होंने कहा कि बसपा ही सच्चे अर्थों में अंबेडकर और कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ा रही है।

















