संवाददाता -सुनील तिवारी
कानपुर: देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेनदेन के बीच लोगों को साइबर ठगी से बचाने और सुरक्षित भुगतान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 9 से 15 मार्च तक डिजिटल भुगतान जागरूकता सप्ताह मनाने की घोषणा की है। इस वर्ष अभियान की थीम “सुरक्षित डिजिटल भुगतान” रखी गई है, जिसमें “थोड़ा ध्यान से” संदेश के माध्यम से लोगों को हर डिजिटल लेनदेन में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। आरबीआई का कहना है कि डिजिटल सुविधाओं ने जहां भुगतान को आसान बनाया है, वहीं जालसाज भी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए थोड़ी सी सावधानी बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि भुगतान प्राप्त करने के लिए कभी भी क्यूआर कोड स्कैन करने या पिन डालने की आवश्यकता नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति या कॉलर इस तरह की मांग करता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं, क्योंकि यह साइबर ठगी का संकेत हो सकता है। साथ ही ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी के साथ भी साझा न करने की अपील की गई है।आरबीआई ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि किसी भी आकर्षक ऑफर, इनाम या कैशबैक के लालच में आने से बचें और हर भुगतान से पहले राशि व प्राप्तकर्ता का नाम ध्यान से जांच लें। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में आर्थिक सुरक्षा के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। ऐसे में “थोड़ा ध्यान से” का संदेश केवल एक नारा नहीं, बल्कि आम नागरिकों को साइबर अपराध से सुरक्षित रखने की एक जरूरी पहल है।
















