संवाददता-सुनील तिवारी
कानपुर के जाजमऊ फ्लाईओवर पर बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब मौरंग से लदा एक ट्रक अचानक आग की लपटों में घिर गया और करीब 100 मीटर तक जलता हुआ हाईवे पर दौड़ता रहा। इस दौरान ट्रक आग का गोला बन चुका था और उसके टायर एक-एक कर फट रहे थे। धमाकों की आवाज से फ्लाईओवर पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना रामादेवी से जाजमऊ की ओर जाने वाले फ्लाईओवर की है। गोंडा निवासी चालक पप्पू पासवान उरई से मौरंग लादकर कानपुर की ओर आ रहा था। जैसे ही ट्रक रामादेवी चौराहे को पार कर आगे बढ़ा, तभी अचानक केबिन में शॉर्ट सर्किट हो गया और आग लग गई। शुरुआत में चालक और परिचालक बूदई ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैलने लगी कि कुछ ही पलों में पूरा केबिन धू-धू कर जलने लगा।
स्थिति को गंभीर होते देख चालक पप्पू पासवान, परिचालक बूदई और उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने तुरंत निर्णय लेते हुए चलते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि इस दौरान चालक के दोनों हाथ झुलस गए, लेकिन बड़ी घटना टल गई और तीनों की जान बच गई। ट्रक के अनियंत्रित होने के बावजूद वह कुछ दूरी तक चलता रहा और करीब 100 मीटर तक जलता हुआ आगे बढ़ा। इस दौरान ट्रक के टायर तेज आवाज के साथ फटने लगे। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए और फ्लाईओवर पर मौजूद अन्य वाहन चालक अपने वाहन छोड़कर दूर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रामादेवी से जाजमऊ की ओर आने वाले वाहनों को रोक दिया गया। इसके चलते हाईवे पर लंबा जाम लग गया। देखते ही देखते जाम की लंबाई करीब 6 किलोमीटर तक पहुंच गई। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हादसे के दौरान ट्रक में रखे करीब 20 हजार रुपये नकद और जरूरी कागजात भी जलकर राख हो गए। ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि ट्रक के आसपास खड़ा होना भी मुश्किल हो गया था।
बताया जा रहा है कि घटना की सूचना देने के बावजूद दमकल की गाड़ियां करीब 20 मिनट की देरी से मौके पर पहुंचीं। इस देरी के कारण आग ने और विकराल रूप ले लिया और ट्रक का बड़ा हिस्सा जल गया। हालांकि दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 15 मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया। फायर अधिकारी राहुल नंदन ने बताया कि जाम के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में दिक्कत हुई, जिसके चलते उन्हें वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन संपत्ति का नुकसान हुआ है।
इस घटना ने एक बार फिर शहर की आपातकालीन सेवाओं और ट्रैफिक प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फ्लाईओवर जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की घटना के दौरान दमकल की समय पर पहुंच न होना गंभीर चिंता का विषय है। यदि आग और फैलती या कोई बड़ा विस्फोट होता, तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर पर अक्सर भारी वाहन गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इस तरह की घटनाएं कभी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और ट्रक में आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। घटना के बाद काफी देर तक फ्लाईओवर पर यातायात प्रभावित रहा। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त ट्रक को हटवाकर धीरे-धीरे यातायात को सामान्य कराया। इस हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। गनीमत रही कि समय रहते चालक और अन्य लोगों ने ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली, वरना यह घटना किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी।
















