कानपुर में LPG संकट गहराया, होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत

कमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटल कारोबार प्रभावित, गोदामों पर भीड़

संवाददाता सुनील तिवारी

कानपुर: पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के स्थानीय बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। कानपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत गहराने से होटल, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गैस गोदामों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं और जमाखोरी व कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं।शहर में करीब 200 होटल और लगभग 3500 रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना करीब 3000 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की खपत होती है। इसके अलावा करीब 1500 गेस्ट हाउस भी इन दिनों सहालग के चलते गैस की भारी मांग कर रहे हैं। लेकिन आपूर्ति प्रभावित होने से होटल-रेस्टोरेंट संचालक सिलेंडर के लिए भटकने को मजबूर हैं। कई जगह रसोई चलाने के लिए लकड़ी, कोयला और इंडक्शन जैसे विकल्पों का सहारा लिया जा रहा है।गैस की कमी का असर खाद्य कारोबार पर भी साफ दिख रहा है। मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य उत्पादों से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। वहीं बाजार में कोयले की मांग बढ़ने से उसके दाम भी बढ़ गए हैं। पहले 1750 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला कोयला अब 1900 रुपये तक पहुंच गया है।होटल संचालकों का कहना है कि एक-एक रेस्टोरेंट को रोजाना दो से तीन कमर्शियल सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन कई जगह एक भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गेस्ट हाउस संचालकों के अनुसार सहालग के इस दौर में शादी-विवाह के आयोजनों के लिए भी गैस सिलेंडर की भारी कमी हो गई है और कई जगह सिलेंडर ब्लैक में मिल रहे हैं।
संकट को देखते हुए व्यापार मंडल और होटल-रेस्टोरेंट संगठनों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचा और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की।व्यापारियों ने यह भी मांग की कि जब तक कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत दूर नहीं होती, तब तक शादी-विवाह के आयोजनों में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग की अनुमति दी जाए। जिलाधिकारी ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि गैस आपूर्ति की समस्या को जल्द नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

मुख्य बिंदु

  • पश्चिम एशिया के तनाव का असर – ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब कानपुर के बाजारों में दिखने लगा है।
  • कमर्शियल LPG की भारी किल्लत – शहर में होटल, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस संचालकों को गैस सिलेंडर के लिए भटकना पड़ रहा है।
  • गोदामों पर लंबी कतारें – गैस गोदामों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग रही है और जमाखोरी व ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी सामने आई हैं।
  • हजारों प्रतिष्ठान प्रभावित – शहर में करीब 200 होटल, 3500 रेस्टोरेंट और 1500 गेस्ट हाउस हैं, जहां रोजाना लगभग 3000 कमर्शियल सिलेंडरों की जरूरत होती है।
  • रसोई चलाने के लिए वैकल्पिक उपाय – गैस की कमी के कारण कई होटल-रेस्टोरेंट लकड़ी, कोयला और इंडक्शन का सहारा ले रहे हैं।
  • खाद्य कारोबार पर असर – मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य उत्पादों का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
  • कोयले के दाम बढ़े – कोयले की मांग बढ़ने से कीमत 1750 रुपये से बढ़कर 1900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।
  • व्यापारियों ने डीएम से की शिकायत – व्यापार मंडल और होटल-रेस्टोरेंट संगठनों ने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन देकर गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की।
  • घरेलू सिलेंडर उपयोग की मांग – व्यापारियों ने संकट खत्म होने तक शादी-विवाह आयोजनों में घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग की अनुमति देने की मांग की।
  • प्रशासन का आश्वासन – जिलाधिकारी ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि गैस आपूर्ति की समस्या को जल्द नियंत्रित किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here