सवांददाता-सुनील तिवारी
कानपुर में होली का उत्साह कई जगह हुड़दंग और लापरवाही में बदल गया। रंगों की मस्ती के बीच आपसी विवाद, नशे में गिरने और सड़क दुर्घटनाओं के चलते 119 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों की इमरजेंसी में भर्ती कराए गए। सबसे ज्यादा दबाव लाला लाजपत राय चिकित्सालय (एलएलआर अस्पताल) की इमरजेंसी पर रहा, जहां आंखों में केमिकल युक्त रंग जाने से 13 मरीज कॉर्नियल इंजरी के साथ पहुंचे। बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले 27 लोग सिर में गंभीर चोट के साथ न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती हुए, जबकि 13 मरीज हड्डी टूटने पर आर्थो विभाग में भर्ती किए गए।एलएलआर के सीएमएस डॉ. विकास कटियार के अनुसार, पहले से की गई ट्रॉमा तैयारी के चलते मरीजों को रेड जोन में त्वरित उपचार देकर संबंधित वार्ड में शिफ्ट किया गया। चार और पांच मार्च को मेडिसिन, न्यूरो सर्जरी, आर्थो, गायनी, बाल रोग और सर्जरी विभागों में लगातार मरीज भर्ती होते रहे। प्रमुख अधीक्षक प्रो. सौरभ अग्रवाल के अनुसार ट्रॉमा केयर की विशेष व्यवस्था से सड़क हादसों और गंभीर मामलों को प्राथमिकता पर इलाज मिला।वहीं उर्सुला हॉर्समैन मेमोरियल अस्पताल की इमरजेंसी में 22 और कांशीराम चिकित्सालय में 17 घायल भर्ती हुए। उर्सुला के निदेशक डॉ. बीसी पाल के मुताबिक, न्यूरो और आर्थो के मामले सबसे अधिक रहे।कांशीराम अस्पताल के सीएमएस डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि सिर और हड्डी में गंभीर चोट वाले सात मरीजों को एलएलआर रेफर किया गया।
होली के मौके पर प्रशासन की अपील के बावजूद कई जगह नशे में बाइक चलाने, बिना हेलमेट सड़कों पर स्टंट करने और आपसी कहासुनी के बाद मारपीट की घटनाएं सामने आईं। त्योहार की खुशी के बीच लापरवाही भारी पड़ी और अस्पतालों की इमरजेंसी रात भर मरीजों से भरी रहीं।
















