सवाददाता-सुनील तिवारी
कानपुर के दादा नगर पुल के पास शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बीती रात करीब एक बजे सोडा पाउडर से भरा कंटेनर नशे में धुत चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। गनीमत रही कि सड़क किनारे बने मंदिर पर कंटेनर पलटा और एक बड़ी दुर्घटना घटित होने से बच गई और कंटेनर पास में बनी झुग्गी-झोपड़ियों पर नहीं गिरा, वरना कई गरीब परिवार इसकी चपेट में आ सकते थे और शहर में बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलते ही विजय नगर चौराहा पर तैनात यातायात पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराने में जुट गई। फिलहाल इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने सड़क किनारे रहने वाले गरीब परिवारों की असुरक्षित जिंदगी को एक बार फिर सामने ला दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कंटेनर महज आधा मीटर और आगे पलट जाता तो कई महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की जान जा सकती थी। हैरानी की बात यह रही कि घटना के 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कंटेनर को हटाने का काम जुगाड़ व्यवस्था के सहारे चलता रहा, जबकि क्षेत्रीय विधायक, पार्षद और शहर के बड़े अधिकारी मौके पर नजर नहीं आए। बस्तीवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने जरूर आते हैं, लेकिन इन झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की कोई ठोस योजना अब तक जमीन पर नहीं उतरी है। हादसे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक शहर की गरीब बस्तियों की सुरक्षा यूं ही ‘राम भरोसे’ चलती रहेगी।
मुख्य बिंदु
- कंटेनर पलटने से बड़ा हादसा टला: कानपुर के दादा नगर पुल के पास सोडा पाउडर से भरा कंटेनर अनियंत्रित होकर पलट गया।
- नशे में था चालक: आरोप है कि चालक नशे में धुत था, जिसके कारण कंटेनर पर नियंत्रण नहीं रख सका।
- मंदिर के पास पलटा कंटेनर: गनीमत रही कि कंटेनर झुग्गी-झोपड़ियों पर गिरने के बजाय मंदिर के पास पलटा, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
- पुलिस मौके पर पहुंची: सूचना मिलते ही यातायात पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली।
- 12 घंटे बाद भी नहीं हट सका कंटेनर: हादसे के कई घंटे बाद भी कंटेनर और मलबा पूरी तरह नहीं हटाया जा
- बस्तीवासियों में आक्रोश: स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही पर सवाल उठाए।
- गरीब परिवारों की सुरक्षा पर सवाल: सड़क किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है।
















